गोंडा, 17 जून 2026। उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने जिले में संचालित गौशालाओं का निरीक्षण एवं समीक्षा करते हुए गौवंशों की हो रही मौतों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि गौवंशों की मौत का प्रमुख कारण कुपोषण है।
बुधवार को तहसील सभागार में आयोजित बैठक में राजेश सिंह सेंगर ने गौशालाओं के केयरटेकरों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर गौशालाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौवंशों के संरक्षण और संवर्धन को लेकर गंभीर है तथा गौशालाओं में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश सरकार ने गौवंशों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार प्रत्येक गौवंश के भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन 50 रुपये की सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही चारागाह की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर गौवंशों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गौवंशों की मौत के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने स्वीकार किया कि कई गौशालाओं में गौवंशों को पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते उनमें कुपोषण की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि गौवंशों की मौत मारने से नहीं बल्कि कुपोषण के कारण हो रही है।
इस अवसर पर सदर एसडीएम जितेंद्र गौतम, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : सुनील तिवारी, CMD न्यूज़
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