रिपोर्ट: विवेक श्रीवास्तव | CMD NEWS
बहराइच, 10 जुलाई। जनपद में जानलेवा चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा एवं सीसा लेपित डोरी के निर्माण और बिक्री पर रोक को लेकर राज्य कर विभाग ने व्यापारियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मानव जीवन के लिए खतरा बने चाइनीज मांझे का निर्माण और बिक्री किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
यह संवाद कार्यक्रम मा. उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच में जनहित याचिका संख्या 13864/2018 (मोतीलाल यादव बनाम प्रधानमंत्री कार्यालय व अन्य) तथा जनहित याचिका संख्या 499/2025 (रज्जन खान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य) में 11 फरवरी 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक आयुक्त, राज्य कर संदीप सिंह ने की
बैठक में व्यापारियों को बताया गया कि सामान्य पतंग के धागे और प्रतिबंधित चाइनीज मांझे में अंतर समझना आवश्यक है। चाइनीज मांझा और सीसा लेपित डोरी से हर वर्ष बाइक सवारों, बच्चों और राहगीरों के घायल होने तथा जानमाल की क्षति की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में मानवता के हित में प्रतिबंधित मांझे का निर्माण और बिक्री पूरी तरह बंद की जानी चाहिए।
सहायक आयुक्त संदीप सिंह ने व्यापारियों से सुरक्षित और सामान्य धागे की बिक्री करने की अपील करते हुए कहा कि सभी व्यापारी कानून का पालन करें और समाज की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याएं भी सुनीं और उनका समाधान करने का आश्वासन दिया।
बैठक में हुमा सिलाई मशीन के प्रो. नफीस अहमद, पतंग विक्रेता भोलू, अरशद, टोनू, काका एवं मोहम्मद अय्यूब सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
राज्य कर विभाग की ओर से राज्य कर अधिकारी नोविल कुमार, जय सिंह सोनकर, विनोद कुमार, प्रधान सहायक शफक रईस, वरिष्ठ सहायक आशुतोष सिंह, राजीव कुमार चौधरी, अम्बरीश तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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