बहराइच। विकासखंड बलहा की ग्राम पंचायत लालबोझी में लगभग 18 लाख रुपये की लागत से निर्मित बैकुंठ धाम बदहाली का शिकार है। जिस स्थान पर अंतिम संस्कार जैसे अत्यंत संवेदनशील संस्कार संपन्न होते हैं, वहीं स्थल तक बड़ी-बड़ी घास और झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। पूरे परिसर में गंदगी फैली हुई है झाड़ घास लगा है और साफ-सफाई की कोई समुचित व्यवस्था दिखाई नहीं देती।
मौके पर बैकुंठ धाम की स्थिति देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि लंबे समय से इसकी देखरेख और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। कई स्थानों पर परिसर जर्जर नजर आता है, जिससे करीब 18 लाख रुपये की लागत से कराए गए निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे चिंता की बात यह है कि अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित चिता स्थल के अगल बगल और उसपर भी झाड़-झंखाड़ से घिरा हुआ है। ऐसी स्थिति में शोकाकुल परिवारों को अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। यह तस्वीरें और मौके की स्थिति सरकारी व्यवस्थाओं की हकीकत बयां करती हैं।
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान अपेक्षित गुणवत्ता का पालन नहीं किया गया हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्राम पंचायत के सरकारी स्कूल पर लिखा हुआ “महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अन्तर्गत वर्ष-2025-26 में ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना का विवरण” में स्पष्ट लिखा हुआ है कि ग्राम पंचायत लालबोझी में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य में 18 लाख रुपए लिखे हुए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाखों रुपये की लागत से बने इस सार्वजनिक स्थल की जिम्मेदारी किसकी है? क्या संबंधित अधिकारी इस बदहाली का संज्ञान लेकर साफ-सफाई, मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित करेंगे, या फिर बैकुंठ धाम इसी तरह उपेक्षा का शिकार बना रहेगा?
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