16,904 कनेक्शनों की बिजली काटकर मचा दी थी खलबली, पुलिस की बढ़ती निगरानी ने आखिरकार पहुंचा दिया गिरोह तक
जनपद बहराइच के थाना कोतवाली नानपारा में बिजली के तार चोरी की वारदात के बाद पुलिस ने जिस तरह पूरे इलाके में अपनी निगरानी बढ़ाई, उसका नतीजा आखिरकार सामने आ गया। पुलिस ने बिजली के तार काटकर चोरी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में एक आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जबकि गिरोह का एक सदस्य मौके से फरार हो गया।
मामला केवल कुछ मीटर बिजली तार की चोरी का नहीं था। दर्ज एफआईआर के अनुसार चोरों ने 33 केवी विद्युत लाइन को कई जगह से काटकर करीब 16,904 कनेक्शनों की बिजली आपूर्ति प्रभावित कर दी थी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ किसानों के ट्यूबवेल, सरकारी कनेक्शन, कारोबार और एक फैक्ट्री की विद्युत आपूर्ति तक प्रभावित हुई। करीब 6,500 की आबादी पर इसका असर पड़ा।
चोरी के बाद पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
6/7 अगस्त की रात तार चोरी की घटना सामने आने के बाद थाना नानपारा में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी। शहर और आसपास के इलाकों में गश्त तेज कर दी गई। संदिग्ध वाहनों और लोगों की चेकिंग शुरू हुई तथा नानपारा से बाहर निकलने वाले प्रमुख रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई।
शहर में अचानक बढ़ी पुलिस की सक्रियता को देखकर लोगों के बीच चर्चा होने लगी कि “पुलिस बहुत मेहनत कर रही है, चोर ज्यादा दिन नहीं बचेंगे।” स्थानीय लोगों का यह भरोसा उस समय सही साबित हुआ जब पुलिस ने गिरोह को घेर लिया।
मुखबिर की सूचना ने खोल दिया रास्ता
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर क्राइम ब्रांच/एसओजी और थाना नानपारा पुलिस की टीमें तार चोरी की घटना के खुलासे में लगी थीं। कोतवाल नानपारा राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार संदिग्धों की तलाश और निगरानी कर रही थी।
8 अगस्त को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बिजली तार चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य चोरी के माल को ठिकाने लगाने और एक अन्य वारदात की तैयारी में हाड़ा बसेड़ी के पास सरयू नहर की पटरी पर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और एसओजी मौके पर पहुंची और बदमाशों की घेराबंदी कर दी।
घिरते ही बदमाशों ने चला दी गोली
पुलिस के अनुसार, खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई।
पुलिस ने घायल बदमाश सहित उसके चार अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।
कौन-कौन पकड़ा गया?
घायल आरोपी की पहचान कदीर पुत्र शफीक निवासी सिद्धबही, थाना माती, जनपद बाराबंकी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कदीर के खिलाफ हत्या समेत कई मुकदमों की जानकारी सामने आई है। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णा कुमार, कुलदीप गुप्ता, हरेंद्र गुप्ता और उदयराज चौहान, सभी निवासी खारोह, थाना रेउसा, जनपद सीतापुर शामिल हैं।
कार, तमंचा और चोरी के तार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, मारुति ईको कार, चोरी किए गए बिजली के तारों के कई बंडल और तार काटने के औजार बरामद किए हैं।
आखिर कितने लोगों पर पड़ा था असर?
विद्युत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चोरों ने 33 केवी लाइन के कई हिस्सों को काट दिया था। इससे 15,455 घरेलू, 540 वाणिज्यिक, 394 किसानों के ट्यूबवेल, 11 सरकारी ट्यूबवेल और एक फैक्ट्री सहित कुल 16,904 कनेक्शन प्रभावित हुए। बिजली आपूर्ति ठप होने से आम लोगों के दैनिक कार्यों के साथ कारोबार और छोटे उद्योगों पर भी असर पड़ा।
घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव समेत अधिकारी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले और कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है तथा चोरी के तार कहां खपाए जाते थे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। घटना के बाद बढ़ाई गई पुलिस गश्त और चेकिंग की लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता देखकर पहले ही उम्मीद थी कि तार चोरी करने वाले जल्द पकड़े जाएंगे और आखिरकार पुलिस ने गिरोह तक पहुंचकर यह साबित भी कर दिया।
रिपोर्ट: विवेक श्रीवास्तव
CMD News Newspaper & Live News Web Channel

