जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकवादियों से लड़ते हुए सुरक्षाबलों के जवान शहीद हुए हैं। मंगलवार को अनंतनाग में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई, इसमें मेरठ के रहने वाले मेजर केतन शर्मा शहीद हो गए। 29 साल के केतन शर्मा अभी कुछ ही दिन पहले छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटे थे और परिवार से वादा किया था कि जल्द ही वापस घर आएंगे, लेकिन ये संभव नहीं हो सका।
शहीद केतन शर्मा का पार्थिव शरीर मंगलवार को दिल्ली पहुंचेगा, जहां पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद ही उनके पार्थिव शरीर को मेरठ ले जाया जाएगा। मेरठ कैंट इलाका है, ऐसे में सेना के वरिष्ठ अधिकारी और अफसर भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं।
सोमवार को अनंतनाग के एकिंगम में आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। दोनों तरफ से फायरिंग हुई और इसी में मेजर केतन शर्मा शहीद हो गए। योगी सरकार की ओर से उनके परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता, एक सरकारी नौकरी और मेरठ में सड़क का नाम केतन शर्मा के ऊपर करने का ऐलान किया है।