रिपोर्ट – विवेक श्रीवास्तव
तहसील व कोतवाली नानपारा क्षेत्र के राजा कोठी के पीछे संचालित मेले को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच लगातार चर्चाएं तेज होती जा रही हैं। मेले में बड़े झूले, खाद्य स्टॉल, बच्चों के मनोरंजन साधन एवं विभिन्न व्यापारिक दुकानों का संचालन किया जा रहा है। वहीं आयोजन की अनुमति, सुरक्षा मानकों एवं संचालन व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
मेले के मुख्य प्रवेश स्थल पर “लंदन मेला” नाम अंकित किया गया है, जबकि आगंतुकों को दिए जा रहे टिकट पर “सिंगापुर वैली फन एंड जू पार्क” लिखा है। टिकट पर 30 रुपये शुल्क GST सहित अंकित है तथा जीएसटी नंबर 09BLQPA5484C3ZX भी प्रिंट किया गया है। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा है कि आखिर मेले का वास्तविक संचालक कौन है और आयोजन किस संस्था अथवा अनुमति के तहत किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक आयोजनों में प्रशासन, नगर निकाय, पुलिस, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक होता है। मेले में बड़ी संख्या में बच्चे एवं परिवार पहुंच रहे हैं, इसलिए झूलों की तकनीकी जांच, विद्युत सुरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
इसके अतिरिक्त मेले परिसर में घरेलू LPG सिलेंडरों के प्रयोग हो रहा है। वहीं मेले में लगे एक स्टॉल पर “मेला महिला चौकी” लिखे होने से भी लोग यह जानना चाह रहे हैं जब कोई पुलिस कर्मी स्टाल में नहीं है फिर यह व्यवस्था किस विभाग अथवा किसकी अनुमति से संचालित की जा रही है। जरूरी था कि जिम्मेदार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मेले की वैध अनुमति, संचालक संस्था, जीएसटी विवरण, सुरक्षा प्रमाणन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करना चाहिए। लोगों का कहना है कि यदि सभी नियमों का पालन हो रहा है तो प्रशासन को सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि आमजन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे और सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
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