रिपोर्ट – विवेक श्रीवास्तव
बहराइच। विकासखंड रिसिया के ग्राम पंचायत उत्तमपुर, मझौआ मुजेहना, बभनी सैदा और करनिया में पंचायत भवन संचालन पूरी तरह ठप पाए गए। सोमवार को CMD NEWS ने ने कार्य समय में जब इन पंचायत सचिवालयों की हकीकत की पड़ताल किया, तो सभी भवनों पर ताले लटके मिले।
ग्राम पंचायत बभनी सैदा के पंचायत भवन का ताला जंग खाया मिला, जिससे साफ है कि लंबे समय से भवन खोला ही नहीं गया। भवन के शौचालय टैंक के आसपास गड्ढे बने हुए थे, जो स्वच्छता और रखरखाव की बदहाली को दर्शाते हैं। ग्राम पंचायत मझौआ मुजेहना में भी सचिवालय के कमरों में ताला बंद रहा और मुख्य द्वार का गेट टूटा हुआ लटक रहा है।उत्तमपुर पंचायत सचिवालय के अंदर कोई कंप्यूटर, फाइलें या कर्मचारी मौजूद नहीं थे, बल्कि भवन को गोदाम में बदलकर सीमेंट, सरिया, तसला और पाइप रखा गया था। करनिया पंचायत भवन में भी ताला ही लटकता मिला। ग्राम पंचायतपंचायत सचिवों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि सचिवों की जिम्मेदारी है कि वे कार्य समय में भवन को खुला रखें और ग्राम पंचायत के कार्यों का संचालन सुनिश्चित करें।
पंचायत राज अधिनियम एवं उत्तर प्रदेश पंचायत सचिवालय नियमावली के अनुसार, पंचायत भवन कार्य समय में खुला रहना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु पंजीकरण, प्रमाण पत्र जारी करना, शिकायत निवारण और अन्य स्थानीय प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें। लेकिन जमीनी हकीकत में विकासखंड रिसिया के इन पंचायतों में न तो सचिवालय खुलते हैं और न ही सरकारी योजनाओं का संचालन हो रहा है।
यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीणों के लिए बनाई गई मूलभूत सुविधा और पारदर्शिता की सरकारी मंशा पर भी सवाल खड़ा करती है। ग्रामीणों को पंचायत भवनों के बंद रहने से उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए ब्लॉक या तहसील का चक्कर लगाना पड़ता है।
अब सवाल है—क्या जिम्मेदार सक्षम अधिकारी इन पंचायत भवनों की दुर्व्यवस्था पर संज्ञान लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, या फिर सरकारी सुविधाएं ऐसे ही ताले में जकड़ी रहेंगी?
देखे वीडियो –
https://x.com/cmdnewsindia/status/1954828268038730112?t=paAbFCLk3moLPWz6ldGWIA&s=19
CMD News Newspaper & Live News Web Channel
