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मास्टरस्ट्रोक या दबाव? परीक्षा विवाद के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, बोले- देश की एकता और छात्र हैं सर्वोपरि। देखिए पत्र और पढ़िए पूरी खबर

सारांश: NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद उपजे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि देश की एकता और छात्रों का भविष्य उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा से कहीं ऊपर है। सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजन कराया और अगले साल से परीक्षा को CBT मोड में कराने का ऐलान किया है।

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026

देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक NEET-UG 2026 को लेकर गरमाई राजनीति के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे अपने त्यागपत्र में साफ कहा कि उनके लिए छात्रों का भविष्य और देश की एकता सर्वोपरि है।

धर्मेंद्र प्रधान के पत्र की 5 बड़ी बातें

युवाओं के नाम लिखे अपने पत्र में शिक्षा मंत्री ने कई अहम मुद्दों को उठाया:

युवाओं के प्रति अटूट समर्पण: “मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक और निर्माता हैं।”

इस्तीफे की मुख्य वजह: “पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने त्यागपत्र सौंपा है।”

‘परीक्षा माफिया’ को कड़ी चेतावनी: “पहले दिन से मेरा संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे।” इसके साथ ही उन्होंने कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह किए जाने के प्रयासों पर गहरा दुख जताया।

त्वरित सरकारी फैसले: 3 मई 2026 को हुई परीक्षा में अनियमितता सामने आते ही सरकार ने तुरंत CBI जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की।

सफल पुनः परीक्षा: “20 लाख से अधिक छात्रों की पुनः परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न कराना मेरी प्राथमिकता थी।” प्रशासन के समन्वय से 21 जून को पुनः परीक्षा कराई गई और 16 जुलाई को घोषित परिणाम बेहद संतोषजनक रहे।

सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम

विवाद के बाद सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए निम्नलिखित कड़े कदम उठाए:

CBI जांच: परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई।

परीक्षा रद्द: 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया गया।

पुनः परीक्षा: 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित हुई।

CBT मोड: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में होगी।

राष्ट्रसेवा और भविष्य का संकल्प

पत्र के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और मंत्रालय के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए लिखा, “राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित रखूँगा।”

फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से त्यागपत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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