रिपोर्ट – विवेक श्रीवास्तव
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ते ही किनारे बसे गांवों के लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। जिला बहराइच की तहसील नानपारा के विकासखंड बलहा क्षेत्र के ग्राम पतरहिया, बंजारिया, बागपुरवा समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में आने की आशंका से हमेशा सहमे रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी में पानी बढ़ने पर सबसे पहले बाढ़ का ख्याल आता है और इससे जुड़ी तमाम समस्याएं जैसे फसल डूबना, घरों में पानी घुसना, मवेशियों की सुरक्षा और आने-जाने के रास्ते बंद होने का डर सताने लगता है। वहीं जब नदी का जलस्तर घटता है तो लोग राहत की सांस लेते हैं और सामान्य जीवन की उम्मीद बंधती है। 31 अगस्त की सुबह जब सरयू का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ तो पतरहिया गांव के निवासी राजेश, ओंकार, सत्तन और पंकज ने बताया कि पानी बढ़ने की खबर सुनते ही पूरा गांव बेचैन हो उठता है और सभी लोग बाढ़ की संभावनाओं को लेकर चर्चा करने लगते हैं। आय दिन पानी कम ज्यादा हो रहा है अभी भी पानी नदी में पर्याप्त हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से समय रहते पुख्ता व्यवस्था न किए जाने पर बाढ़ आने पर लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। ऐसे में सरयू नदी किनारे बसे गांवों के लोग हर साल बाढ़ के मौसम में डर और दहशत के साए में जीवन बिताने को मजबूर होते हैं।
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