रिपोर्ट – विवेक श्रीवास्तव
बहराइच। विकास खंड रिसिया के अंतर्गत भैंसहा गौशाला में लाखों रुपये की लागत से कराए गए निर्माण कार्य अब जर्जर अवस्था में पड़े हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में गौशाला परिसर में नेडफ कंपोस्ट का निर्माण ₹11,96,968 की लागत से कराया गया था। कुछ ही वर्षों में इसकी दीवारें क्षतिग्रस्त होकर टूट चुकी हैं और पूरा निर्माण बेकार साबित हो गया है। निर्माण कार्य की यह स्थिति सीधे तौर पर गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।
इसी तरह गौशाला परिसर में बना चारागाह वर्मी कंपोस्ट, जिसकी लागत लगभग ₹12,35,422 थी, वह भी आज पूरी तरह से टूटा और अनुपयोगी हो चुका है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद इन संरचनाओं का टिकाऊ न रहना यह स्पष्ट करता है कि निर्माण कार्य मानक के अनुसार नहीं कराए गए।
गौशाला का उद्देश्य बेसहारा व बीमार गोवंश को आश्रय और बेहतर सुविधा देना था, साथ ही कंपोस्ट निर्माण के जरिए आय का स्रोत विकसित करना था। मगर वर्तमान हालात बताते हैं कि न तो संरचनाओं का रखरखाव हुआ और न ही योजनाओं का लाभ मिल सका। लापरवाही और जिम्मेदारी के अभाव में करोड़ों की सरकारी योजनाएं बेकार हो रही हैं, जिससे सरकारी धन पानी की तरह बहता नजर आ रहा है।
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