बहराइच कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब की ओर से कतरनिया घाट वन्य जीव विहार की कतरनिया घाट रेंज में ग्लोबल टाइगर डे की पूर्व संध्या पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी की अलका दुबे रही, कार्यक्रम में 32 दैनिक वेतन भोगी वन कर्मियों को टिफिन बॉक्स देखकर उनका उत्साहवर्धन किया गया ,इसके साथ ही दो वन कर्मियों को बेस्ट फॉरेस्ट वर्कर अवार्ड देकर सम्मानित किया गया ,कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अलका दुबे ने कहा की बाघ हमारा राष्ट्रीय पशु है जब बाघ का संरक्षण होगा तभी वन एवं सभी प्रकार के वन जीवों का संरक्षण होगा ,कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वन क्षेत्राधिकारी कतरनिया घाट रेंज श्री पीयूष मोहन श्रीवास्तव रहे, वन कर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की यह हमारा सौभाग्य है कि हमें वन एवं वन्य जीवो की रक्षा करने का कार्य मिला है, इस अवसर पर वन कर्मियों को संबोधित करते हुए कतरनिया घाट फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवानदास लखमानी ने कहा की इस समय भारत में लगभग 2200 बाघ बचे हैं जिनमें से 30 से अधिक बाघ हमारे कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार में मौजूद हैं ,उन्होंने वन कर्मियों से अपील की कि वे मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर रोक लगाने हेतु भरसक प्रयास करें, कार्यक्रम में 32 दैनिक वेतनभोगी वनकर्मियों को क्लब की ओर से टिफिन बॉक्स देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया,इसके साथ ही वन दरोगा मयंक पांडे और रूप नारायण शुक्ला को बेस्ट फॉरेस्ट वर्कर का अवार्ड देकर सम्मानित किया गया ,इस अवसर पर क्लब के मिथिलेश जायसवाल अमन लखमानी राम शेर यादव सुनील वर्मा वन दरोगा अनिल कुमार जमुना विश्वकर्मा समेत अनेकों वन कर्मी उपस्थित रहे।