संसाधनों के अभाव में ऑनलाइन उपस्थिति को बताया तुगलकी फरमान, बीडीओ के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
जिले के विकासखंड बलहा में ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों ने बिना आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए बायोमेट्रिक (ऑनलाइन) अटेंडेंस के दबाव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिकारियों ने इसे उत्पीड़न करार देते हुए काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और खंड विकास अधिकारी (BDO) अपर्णा सैनी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
क्या है मामला?
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि पंचायती राज निदेशालय या ग्राम विकास आयुक्त कार्यालय से अभी तक ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। इसके बावजूद जिले के कुछ उच्च अधिकारी और विकासखंड स्तरीय अधिकारी उन पर ऑनलाइन प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने का अनुचित दबाव बना रहे हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि विभाग द्वारा अभी तक ऑनलाइन हाजिरी के लिए कोई भी ‘भौतिक संसाधन’ (जैसे बायोमेट्रिक डिवाइस, इंटरनेट डेटा आदि) उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। बिना संसाधन रोस्टर व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पत्र लिखकर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे मैदानी अमले में गहरा रोष है।
4 दिसंबर तक चलेगा विरोध
संगठन ने स्पष्ट किया है कि इस दबावपूर्ण कार्यवाही से सभी कर्मचारी आहत हैं। विरोध स्वरूप, सभी ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों ने 1 दिसंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक काली पट्टी बांधकर ही शासकीय कार्यों का निष्पादन करने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि बिना संसाधन उपलब्ध कराए और बिना उच्चस्तरीय आदेश के उन पर दबाव बनाना बंद नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
रिपोर्ट – विवेक श्रीवास्तव सम्पादक
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