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विश्व निमोनिया दिवस पर सीएमओ सभागार में आयोजित हुई जागरूकता गोष्ठी‌तेज सांस और पसली धँसना निमोनिया के प्रमुख लक्षण

रिपोर्ट कृष्णा गोपाल

 

बहराइच, 12 नवंबर 2025। समुदाय को निमोनिया की रोकथाम, पहचान और समय पर इलाज के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया तथा हस्ताक्षर अभियान संचालित किया गया।

गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सीएमओ डॉ. कुमार ने बताया कि बताया कि पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में निमोनिया मृत्यु का प्रमुख कारण है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार बाल मृत्यु के सभी कारणों में से 14 फीसदी मृत्यु निमोनिया से होती है, जबकि यह पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी एफआरयू पर बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती की गई है। जिला अस्पताल में पीकू और एसएनसीयू में निमोनिया प्रबंधन की आधुनिक सुविधाएँ मौजूद हैं। जिले की आशा कार्यकर्ताओं को होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर के तहत प्रशिक्षित भी किया गया है, जो तेज सांस वाले नवजातों को चिन्हित कर उन्हें अस्पताल रेफर करती हैं।

डिप्टी सीएमओ डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, जो बैक्टीरिया, वायरस या धुएं के प्रदूषण से होता है। इससे फेफड़ों में सूजन और तरल पदार्थ भर जाता है, जिससे बच्चे को सांस लेने में कठिनाई होती है। इसके मुख्य लक्षण हैं तेज सांस, पसली धँसना, दूध या खाना न पी पाना, उल्टी, नथुनों का फूलना, सुस्ती या बेहोशी। उन्होंने कहा कि सामान्य सर्दी-जुखाम में घरेलू उपाय किए जा सकते हैं लेकिन निमोनिया के लक्षण दिखते ही बच्चे को अस्पताल ले जाना चाहिए। डॉ. मिश्रा ने बताया कि यदि 0 से 2 माह के शिशु की सांस प्रति मिनट 60 या अधिक, 2 से 12 माह के बच्चे की 50 या अधिक, और 1 से 5 वर्ष के बच्चे की 40 या अधिक है, तो यह तेज सांस का संकेत है और ऐसे बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।

डीएचईआईओ बृजेश सिंह ने बताया कि बचाव के लिए बच्चों को पीसीवी टीका लगवाएँ, जन्म के 48 घंटे के भीतर न नहलाएँ, हाथों की स्वच्छता बनाए रखें, शिशु के आसपास धुएं रहित वातावरण रखें, और यदि खांसी 30 दिन से अधिक बनी रहे तो चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। उन्होंने बताया कि शिशु को छह माह तक केवल स्तनपान कराएँ और ठंड से बचाने के लिए पैर और सिर ढककर रखें। कार्यक्रम के अंत में निमोनिया मुक्त बहराइच के संकल्प पत्र पर सभी प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर किए।

इस मौके पर एसीएमओ डॉ. संतोष राना, तेजवापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक अग्निहोत्री, डीपीएम सरजू खान, डीसीपीएम मोहम्मद राशिद, एआरओ मुशर्रफ और जेएसआई संस्था के मनीष त्रिवेदी सहित बीपीएम व बीसीपीएम उपस्थित रहे।

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