गोण्डा, नगर क्षेत्र के बड़गांव रेलवे क्रासिंग पर पैदल पुल नहीं होने के कारण लोगों को रेलवे की पटरियों को पार कर के आवागमन करना पड़ता है।ट्रेनो के आवागमन के वक्त आधे-आधे घण्टे तक खड़ा होना पड़ता है।स्कूल व ट्यूशन जाने हेतु रेल पटरियों को पार करते वक्त छात्र छात्राओं की साइकिल, जूते, चप्पल आदि पटरियों में फंस जाने से चोटिल हो जाती हैं। यहाँ दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। यहाँ तक की दर्जनों लोगों की ट्रेन के चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है। यही नहीं पैदल पुल का निर्माण नहीं होने से बड़गांव क्षेत्र का विकास दो दशकों पीछे रह गया है।लेकिन रेल प्रसाशन के कानों में जूं नहीं रेंग रहा है। और स्थानीय प्रशासन भी चुप्पी साधे बैठा है।
जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश ब्याप्त है। यहाँ दसको पूर्व ओवर बिर्ज के निर्माण के पूर्व रेलवे फाटक हुआ करता था निर्माण के बाद बंद कर दिया गया लेकिन फुट ओवरब्रिज पैदल पुल का निर्माण नही करवाया गया जिससे हजारो लोग इसी रास्ते जान जोखिम में डाल कर रेलवे पटरी के इस पार से उस पार आवागमन करते हे यह स्थल गोंडा रेलवे स्टेशन से लगभग 200 मीटर दुरी पर पश्चिम में हे यहाँ अस्थानिये लोगो ने बताया की ओवरब्रिज के ऊपर से उस पर जाने में अधिक समय लगता हे और दुरी भी अधिक पड़ता हे और ऊपर से ट्रफिक भी जाम रहता हे जिससे लोग इसी रास्ते आते जाते हे पैदल पुल न होने से अक्सर छात्र छात्राएं रेलवे पटरी पार करते समय चोटिल हो जाते हे तथा आए दीन दुर्घटना होती रहती हे सुनील तिवारी गोंडा