आईजीआरएस में 80 प्रतिशत से कम संतुष्टि पर होगी कार्रवाई, विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का पालन करने के निर्देश
बहराइच, 15 अक्टूबर। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों में खराब प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड, विकास कार्यों, सीएमआईएस एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में उन्होंने जननी सुरक्षा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए।
बैठक में जननी सुरक्षा योजना में खराब प्रगति पर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) सहित कई अधिकारियों का वेतन सुधार होने तक रोकने के निर्देश दिए गए। इनमें जीएम डीआईसी, डीपीआरओ, डीसी एनआरएलएम, डीएसटीओ, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी शामिल हैं। अन्य विभागों के खराब प्रदर्शन पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए अगली बैठक तक प्रगति सुधारने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान पंचायती राज विभाग के 15वें एवं 5वें वित्त आयोग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के पोषण मिशन, उद्योग विभाग की ओडीओपी टूल किट तथा नियोजन विभाग के सीएमआईएस और लोक शिकायत से संबंधित कार्यों की प्रगति पर असंतोष जताया गया। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को डीपीआरओ, डीपीओ एवं डीईएसटीओ से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस शिकायतों पर विशेष जोर
आईजीआरएस की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में संतुष्टि का स्तर किसी भी स्थिति में 80 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं के मामलों में अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर जांच करें और शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें। निर्धारित स्तर से कम संतुष्टि पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं
सीएमआईएस की समीक्षा में जिलाधिकारी ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं और निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं का तत्काल समाधान कर परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को जनोपयोगी बनाने के लिए संबंधित विभागों को शीघ्र हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी घासीराम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विवेक श्रीवास्तव | CMD NEWS
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