लखनऊ – ग्राम पंचायत लुवावा, विकास खंड पंडरी कृपाल में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पंचायत प्रशासन द्वारा निर्धारित सरकारी नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। पंचायत भवन का निर्माण उत्तर प्रदेश पंचायती राज निर्माण मानक 2016 के अनुसार गुणवत्ता युक्त होना चाहिए मानक अनुसार निर्माण होना चाहिए, लेकिन यहां स्पष्ट रूप से घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा ऐसे निर्माण कार्य यह दर्शाते हैं कि टेक्निकल एस्टीमेट और एमबी बुक के मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन की बर्बादी या बंदरबाट की तैयारी है।
ग्राम की नालियों की सफाई स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) दिशा-निर्देश और ग्राम पंचायत रखरखाव नियम के तहत नियमित रूप से होना आवश्यक है, परंतु यहां नालियां जाम पड़ी हैं। गंदगी से ग्रामीण परेशान हैं, जबकि पंचायत सचिव व प्रधान की यह सीधी जिम्मेदारी है कि वे नियमित सफाई सुनिश्चित करें।
सबसे गंभीर अनियमितता मनरेगा में की गई है। मनरेगा अधिनियम 2005 के अनुसार उपस्थिति दर्ज करना पारदर्शी और वास्तविक होना चाहिए, लेकिन एक ही फोटो को 11 और 12 नवंबर 2025 सहित कई दिनों में बार-बार अपलोड कर फर्जी उपस्थिति दिखाई गई। यह धारा 25 मनरेगा कानून के तहत स्पष्ट रूप से दंडनीय धोखाधड़ी है।
जब कोई समाजसेवी या पत्रकार इन अनियमितताओं को उजागर करने का प्रयास करता है तो प्रधान के करीबी रोहित तिवारी और उनके साथी मारपीट करते हैं, मोबाइल छीनकर सबूत मिटाते हैं गाली देते हैं और भी जो मन आए अभद्रता करते हैं। यह न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है बल्कि मीडियाकर्मियों की सुरक्षा दिशानिर्देश 2022 की भी अवहेलना है। स्थिति अत्यंत गंभीर है और प्रशासन द्वारा तत्काल कठोर कार्रवाई अनिवार्य है।
खण्ड विकास अधिकारी की जिम्मेदारी
खण्ड विकास अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वे ग्राम पंचायत में सभी विकास कार्यों की निगरानी करें, गुणवत्ता सुनिश्चित कराएं, मनरेगा व स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन करवाएं, फर्जीवाड़ा रोकें, शिकायतों की जांच करें तथा भ्रष्टाचार या मारपीट जैसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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