
बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में लोग मानायेगे कृष्ण जन्माष्टमी
सर्वेश कुमार त्रिपाठी जिला संवाददाता बस्ती
पौराणिक दृष्टि से द्वापरयुग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में बुधवार मध्यरात्रि के समय अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग में भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ था।
प्रति वर्ष हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष के अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।अष्टमी तिथि बुधवार को रात में 7:58 पर लग रहा है और बृहस्पतिवार को रात में 07 :52 तक रहेगा। हालांकि रोहिणी नक्षत्र दिन में 02:39 पर लगेगी ।
पण्डित राजाराम तिवारी के अनुसार इस बार बुधवार और अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र तीनो का बिल्कुल वैसा ही संयोग बन रहा है जैसे भगवान के प्राकट्य के समय बना था
CMD News Newspaper & Live News Web Channel