उत्तर प्रदेश का जनपद बहराइच जापानी इंसेफ्लाइटिस प्रभावित जिलों की श्रृंखला में सबसे संवेदनशील जिला है। जहां पर मौजूदा समय मे संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। उसके बावजूद जिम्मेदारों की नाक के नीचे खुलेआम सरकार के आदेशों का मखौल उड़ाया जा रहा है, जिसकी जीती जागती तस्वीर यूपी के कैबिनेट मंत्री एवं बहराइच जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के आकस्मिक दौरे के दौरान बहराइच जिले के मेडिकल कालेज में साफ नजर आया। मंत्री जी के निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में भरी गंदगी व जलभराव के साथ ही अस्पताल में बने रोगी आश्रय स्थल पर जेई वायरस को फैलाने वाले वाहक(सुवर) आराम फरमाता दिखाई दिया।
इस पर मौके पर मौजूद जिलाधिकारी के साथ ही प्रभारी मंत्री ने अस्पताल नौकरशाह के ऊपर कड़ी नाराजगी जताई।
डेढ़ माह में 70 बच्चों की मौत
बहराइच जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बना दिया गया है। वर्ष 2018 में जिला हॉस्पिटल के चिल्ड्रेन वार्ड में दिमागी बुखार व अन्य कारणों से डेढ़ माह में तकरीबन 70 बच्चों की मौत की घटना ने यूपी की सरकार को हिला कर रख दिया था। इस पर शासन ने तत्कालीन सीएमएस को हटा दिया था। जिला हॉस्पिटल परिसर में बदहाल पार्क, छुट्टा मवेशियों की मौजूदगी पर भी नाराजगी जताई। मैटरनिटी वार्ड में लिफ्ट न चलने पर सीएमएस को व्यवस्था जल्द दुरुस्त करने के निर्देश प्रभारी मंत्री ने दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम शम्भु कुमार, सीडीओ अरविंद चौहान समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।