- अयोध्या धाम की चौरासी कोस परिक्रमा परिधि में मदिरा, मांस, अंडा की बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाये जाने की मांग।
- अयोध्या के तपस्वी छावनी के महन्त ने भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित किये जाने की मांग दोहराई।

ब्यूरो रिपोर्ट- सुधीर बंसल
अयोध्या- अयोध्या धाम की चौरासी कोस परिक्रमा की सांस्कृतिक परिधि में मांस, मदिरा, अंडे की बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाकर सभी बूचड़खाना बन्द होना चाहिये,यदि सरकार ने हिन्दू जन मानस की भावना को दृष्टि गत करते हुए यह मांग नही मानी तो मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से वह अयोध्या में आमरण अनशन किये जाने पर बाध्य होंगे। यह चेतावनी रुदौली नगर में भाजपा नेता राजेश गुप्ता के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए अयोध्या के तपस्वी छावनी के महन्त जगत गुरु परम हंस आचार्य ने कही उन्होंने कहा कि इसके लिये उनके द्वारा 2018 में आमरण अनशन भी किया जा चुका है । महामहिम राष्ट्रपति महोदय से भी अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा में इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग कर चुके है लेकिन अधिकारियों ने उसकी सीमा घटाकर 5 किलोमीटर तक कर दी । परम् हंस ने कहा कि 492 वर्षों के संघर्ष के बाद श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो चुका है जब पूरे विश्व से लोग श्री राम लला के दर्शन करने आये तो वह एक आदर्शअयोध्या में आये जहाँ किसी जीव का बध न किया जाता हो वह अवध कहा जाता है ।मुगल शासन काल मे भी अयोध्या में मांस, मदिरा पर प्रतिबंध लगा था।आज पूरा विश्व श्री राम की मर्यादा को अपना रहा है उनके आदर्श व सामाजिक ,नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिये इस्लामिक देश सहित इंडोनेशिया में भी श्री रामलीला का मंचन किया जा रहा है । परम् हंस आचार्य ने जिला प्रशासन से मांस ,मदिरा,पर तत्काल प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है ।परमहंस आचार्य अभी गत वर्ष भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित किये जानेकी मांग को लेकर राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु का आदेश दिए जाने की मांग पर पूर्ण तया चर्चा में आये थे इसके लिये उन्होंने अयोध्या में आमरण अनशन भी किया था
पत्रकार वार्ता में भाजपा पूर्व जिला कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष शतीन्द्र प्रकाश शास्त्री, तहसील संयोजक विद्यार्थी परिषद ऋषभ गुप्ता, रितेश गुप्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शिवाजी अग्रवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।
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