बहराइच – सरयू नदी के तट पर स्थित कंपोजिट विद्यालय पतरहियां में सोमवार को विद्यालय की छुट्टी के बाद बच्चों को स्कूल परिसर के मैदान में वृक्ष के नीचे रोककर संचारी रोगों से बचाव के लिए जागरूक किया गया।
विद्यालय के अध्यापक सैय्यद फरीक ने बच्चों को बताया कि सरयू नदी के किनारे बसे इस गांव में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है, जिससे गंदगी और जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया, हैजा, टायफाइड जैसे संचारी रोगों के फैलने की आशंका रहती है। बच्चों को साफ-सफाई, शुद्ध पानी के उपयोग, मच्छरदानी के प्रयोग और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों से अपील की कि वे अपने घरों और आस-पास पानी न जमा होने दें और यदि किसी को बुखार, उल्टी-दस्त या अन्य बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं। बच्चों ने भी संचारी रोगों से जुड़ी जानकारी में रुचि दिखाई और कई सवाल पूछे।
विद्यालय परिवार ने बच्चों को अपने घरों में भी यह जानकारी साझा करने का संदेश दिया ताकि पूरे गांव को संचारी रोगों से सुरक्षित रखा जा सके।
संचारी रोग क्या होते हैं?
संचारी रोग (Communicable Diseases) वे रोग होते हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के माध्यम से फैलते हैं। ये रोग बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवियों द्वारा फैलाए जाते हैं और मुख्यतः दूषित पानी, भोजन, हवा, मच्छर, मक्खी, या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से होते हैं।
सामान्य संचारी रोगों के उदाहरण:
डेंगू
मलेरिया
चिकनगुनिया
हैजा (Cholera)
टायफाइड
टीबी (Tuberculosis)
खसरा (Measles)
फ्लू/वायरल बुखार
संचारी रोगों से बचाव के उपाय:
स्वच्छता संबंधी उपाय:
1. पीने के लिए हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी इस्तेमाल करें।
2. खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथ साबुन से धोएं।
3. घर और आस-पास का वातावरण साफ-सुथरा और सूखा रखें।
4. नाली और गंदे पानी को जमा न होने दें, क्योंकि मच्छर वहीं पनपते हैं।
मच्छरों से बचाव के उपाय:
1. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
2. मच्छर भगाने वाली क्रीम या क्वायल/स्प्रे का उपयोग करें।
3. पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें।
4. सप्ताह में एक बार कूलर, गमले आदि का पानी जरूर बदलें।
व्यक्तिगत सुरक्षा और सावधानी:
1. बुखार, उल्टी-दस्त या त्वचा पर लाल चकत्ते दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
2. बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखें और उनके प्रयोग किए सामान को साझा न करें।
3. समय-समय पर टीकाकरण कराएं (जैसे खसरा, पोलियो, टेटनस आदि के टीके)।
बाढ़ के समय विशेष सावधानियां:
बाढ़ का पानी पीने या खाना पकाने में कभी न प्रयोग करें।
पैरों को साफ रखें, क्योंकि गंदे पानी से संक्रमण हो सकता है।
अगर त्वचा में कोई घाव हो तो पानी से बचाएं, संक्रमण फैल सकता है।
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