रिपोर्ट आशीष सिंह

कथा के तीसरे दिन नृसिंह अवतार का हुआ वर्णन
रामसनेही घाट, बाराबंकी। तहसील क्षेत्र के सिल्हौर मे लालेश्वर चेतन दास महाराज जी की कृपा से वर्तमान प्रधान जवाहर लाल तिवारी के निवास पर चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन गुरुवार को चित्रकूट धाम से पधारे कथा व्यास मनोज शास्त्री जी महाराज ने भगवान नृसिंह अवतार का प्रसंग सुनाया। शास्त्री ने बताया कि पूर्व काल में दैत्य राज पुत्र महाबली हिरण्यकश्यप ने ब्रह्माजी के वर से गर्व युक्त होकर संपूर्ण त्रिलोकी को अपने वश में कर लिया। भक्त प्रहलाद एक दिन अपने गुरु के साथ पिता के पास गए। उस समय पिता मद्यपान कर रहे थे। तब अपने चरणों में झुके हुए अपने पुत्र प्रहलाद को गोद में उठाया। प्रहलाद ने अपने पिता से हरि का नाम लेने को कहा तो दैत्य राज ने उसे गोद से उठाकर दूर फेंक दिया। उसे मारने के अनेक प्रयास किए। एक दिन भक्त प्रहलाद अपने सह पाठियों के साथ हरि का नाम ले रहा था। उसकी आवाज दैत्यराज के कानों में पहुंची तब दैत्यराज ने आकर कहा कि तेरा हरि कहां है तो प्रहलाद ने कहा कि मेरा हरि तो कण-कण में विद्यमान है। दैत्यराज ने कहा कि इस पत्थर नुमा खंभे में हरि कहां हैं, तभी भगवान प्रहलाद की लाज रखने के लिए उस खंभे में से निकल कर भगवान ने नृसिंह अवतार लिया ओर दैत्यराज का वध कर दिया। इस अवसर पर तेज नारायण तिवारी, अमित तिवारी, रोहित तिवारी, राम गोपाल तिवारी,नंदकुमार तिवारी,रामू तिवारी, आदर्श तिवारी, सूर्यनारायण तिवारी, अनुज तिवारी, अरविन्द तिवारी , विवेक तिवारी, सूरज तिवारी,मुन्ना शुक्ला समेत सैंकड़ों भक्त मौजूद रहे।
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