रिपोर्ट -मुदस्सिर हुसैन CMD NEWS

मवई अयोध्या – शहीद भगत सिंह जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया श्री रामचरितमानस पाठ
शहीद भगत सिंह की मनाई गई 116वीं जयंती
अयोध्या – विधानसभा क्षेत्र रुदौली अंतर्गत गोंगावा चौराहा स्थित शहीद भगत सिंह एजुकेशनल एकेडमी विद्यालय में हमेशा की तरह इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम से शहीद भगत सिंह जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में श्री रामचरितमानस अखंड रामायण पाठ का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक श्री रामचंद्र यादव ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उनके जीवन चरित्र के विषय में बताया।विद्यालय संचालक सुनील तिवारी द्वारा विधायक रामचंद्र यादव व नगर पंचायत अध्यक्ष मां कामाख्या धाम शीतला प्रसाद शुक्ल को अंग वस्त्र पहनाते हुए स्मृति चिन्ह स्वरूप शहीद भगत सिंह की प्रतिमा भेंट की गई।कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजकीय सहायक अध्यापक रजनीश मिश्रा, समाजसेवी रामफेर मिश्रा, उमेश कुमार मिश्रा, ठाकुर प्रसाद, शकील अहमद एडवोकेट, महेश कुमार पांडेय सोनू, लोकतंत्र की पवन हिन्दी मासिक पत्रिका के संपादक रामराज, व तमाम क्षेत्र के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।श्री रामचरितमानस पाठ समापन पश्चात हवन पूजन करने के साथ भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे का शुभारंभ भाजपा नेता तेज तिवारी ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर,दीप प्रज्ज्वलित करते हुए शुरू की । पश्चात विद्यालय के प्रबंधक सुनील तिवारी ने भाजपा नेता तेज तिवारी को अंग वस्त्र पहनकर उनका स्वागत किया। व शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्मृति चिन्ह स्वरूप भेंट की। विद्यालय प्रबंधक सुनील कुमार तिवारी “शास्त्री” ने कहा कि भगत सिंह एक क्रांतिकारी थे.जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपनी जान की परवाह किया बिना अंग्रेजों से जमकर टक्कर ली। 28 सितंबर का दिन भगत सिंह की जंयती के रुप में मनाया जाता है।भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 में हुआ था। महज 23 साल की उम्र में उन्होंने अपने देश को स्वत्रंता दिलाने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। भगत सिंह का ये जुनून देख कर ब्रिटिश सम्रराज्य हिल गया था।इसीलिए भगत सिंह के इस योगदान को आज हम उनकी जयंती पर याद कर रहे हैं।भगत सिंह को लिखने का बहुत शौक था,जेल में भी भगत सिंह लिखते थे और उनकी डायरी चर्चित थी।भगत सिंह ने हंसते-हंसते अपने प्राण अपने देश के लिए न्योछावर कर दिए।खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों, तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है।
जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्य रूप से समस्त बच्चों के साथ सहयोगी स्टाफ रेनू राजपूत, मानसी यज्ञसैनी, प्रेमचंद ओझा, रूबी विश्वकर्मा, दुर्गेश, राजेश कुमार मिश्रा,सहित अन्य स्टॉप उपस्थित रहा।
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