मिहींपुरवा बहराइच (09 जनवरी): भारत नेपाल सीमावर्ती थारू जनजाति बाहुल्य ग्राम बलई गाँव अचकवा में स्थानीय स्तर पर कृषि पशुपालन गृह आधारित रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से आज जनजाति थारू बलिकाओ को मौन पालन (मधुमक्खी) परियोजना का शुभारंभ थाना मोतीपुर परिसर मे किया गया,
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अशोक कुमार ने बताया कि भारत नेपाल सीमावर्ती जनजाति बाहुल्य ग्रामों में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार व गृह उद्योग स्थापित करने के क्रम में ही मधुमक्खी पालन परियोजना शुरू किया जा रहा है जिसके तहत स्थानीय ग्रामीण बालिका महिलाओं को मधुमक्खी पालन किट की उपलब्धता जन सहयोग से कराया जा रहा है साथ ही उत्पादित शहद की विपणन व्यवस्थाएं भी सुलभ कराई जाएंगी इन बालिकाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण भी चयन पुरवा बाराबंकी में करवाया गया है ताकि ग्रह उत्पादित शहद की गुणवत्ता बरकरार रह सके।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मौन पालन स्वरोजगार परियोजना के सफल संचालन से थारू जनजाति बाशिंदों का पलायन रुकेगा साथ ही इन्हें शोषण से मुक्ति मिलेगी और इन्हे स्थानीय स्तर पर खेती किसानी आधारित रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे थाना अध्यक्ष मोतीपुर जय नारायण शुक्ला ने बताया कि जन सहयोग से थाना परिसर में भी मौन पालन किट स्थापित किया गया है ताकि जरूरतमंद लोगों को शहीद शहद की उपलब्धता सुलभ करवाई जा सके।
मिशन शक्ति कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए मिशन शक्ति की प्रभारी आकांक्षा ने थारू महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें मिशन शक्ति के अंतर्गत चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से मालवीय मिशन अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट तहसील संयोजक समाजसेवी सुरेश वर्मा समाजसेवी विनय कुमार श्रीवास्तव समाजसेवी राम सिंह चौधरी समाजसेवी राजेश जोशी समाजसेवी राजेश जोशी समाजसेवी श्रवण मदेशिया समाजसेवी दिलीप पोरवाल व रामदेव थारु व समाज सेवी रोहित गुप्ता तथा थारू जनजाति की बालिकाएं राजकुमारी थारू रंजीता कुमारी थारू बिनु कुमारी थारू चंद्रावती थारू साक्षी कुमारी थारू आदि समाजसेवी महिलाओं सहित तमाम जनप्रतिनिधि व पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे समापन अवसर पर सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशा उन्मूलन का संकल्प लिया।
रिपोर्ट: विवेक कुमार श्रीवास्तव संपादक
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