
एम.असरार सिद्दीकी।
रूपईडीहा/बहराइच- नेपाली से भारती करेंसी एक्सचेंज कराने की जटिलताएं भारत नेपाल सीमा रूपईडीहा में और बढ़ती जा रही हैं लगातार समाचार पत्रों के माध्यम से रुपईडीहा का व्यापारी शासन प्रशासन से मांग कर रहा है कि रुपईडीहा में मनी एक्सचेंज काउंटर की व्यवस्था करवाई जाए लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है । समस्याएं इतनी गंभीर हो गई है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भारतीय बाजार रूपईडीहा पूरी तरह खत्म हो जाएगा । मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रोडक्ट पर 5 प्रतिशत से भी कम की आमदनी है ऐसे में 10 प्रतिशत रुपया बदलने में ही खर्च हो जाता है इससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर लगातार ऐसी ही स्थिति बनी रही तो जो पूंजी व्यापारियों ने अपने काम में लगा रखा हैं वह धीरे-धीरे कम होता जायेगा व्यापार को नुकसान की तरफ धकेलता चला जाएगा ।पिछले दिनों जब अखबारों में इस संकट को लेकर खबरें छपी तो उसका परिणाम ये आया की जो लोग मौजूदा समय में ये काम कर रहे है उनका काम ही बंद करा दिया गया इस कृत्य का नतीजा ये आया की नेपाली से भारती बदलने का जो कमीशन है वह और ज्यादा बढ़ गया और व्यापारी और परेशान होने लगा इस संबंध में जब रूपईडीहा उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा की मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की के तर्ज पर प्रशासन काम कर रहा है हम लोग चाहते है की जैसे पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल अपने यहाँ दूसरे देशों की मुद्रा बदलने के लिए लाइसेंस देकर अधिकृत लोगों को काम दे रखा है उसी तरह भारत के सीमावर्ती कस्बा रूपईडीहा में भी लाइसेंस देकर लोगों को अधिकृत कर दिया जाए जिससे जो कमीशन का रेट है वो स्थिर रहेगा और व्यापारियों से लूट नही हो पाएगी।
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