सुनील तिवारी ब्यूरो चीफ गोंडा गोंडा के तरबगंज का मामला
विश्व के कई देशों में दस्तक दे चुके कॅरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश सरकार ने सभी विद्यालयों को 22 मार्च तक के लिए बंद करवा दिया है।
गोण्डा जनपद में भी डीएम ने इससे बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एक तरफ जिला अस्पताल के स्पेशल वार्ड में संदिग्ध मरीजो की जांच पड़ताल व इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है तो दूसरी तरफ जनजागरूकता फैलाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लोगों से साफ सफाई व सावधानी बरतने के लिए आगाह किया गया है।
लेकिन जनपद के तहसील तरबगंज बाजार में लगने वाली उठायी गिरी बाजार में जुटने वाली भीड़ व खुले में बिकने वाले मुर्गे बकरे के मांस व मंछली से लोगो मे भय व्याप्त है। लोगों का मानना है कि प्रत्येक शनिवार व बुधवार को लगने वाली बाजार में 5 से 6 हजार लोगों का आना जाना होता है। जो घर के जरूरतों के समान व साग सब्जियां लेने के लिए आते हैं। एक इन्टरकालेज के मैदान में लगने वाली बाजार से सटकर खुले में धड़ल्ले से बिक रहे हैं मांस व मछलियां। इन गन्दगियो को फैलाने में चील कौवे व कुत्ते निभाते हैं अहम भूमिका। लगने वाली बाजार से सटे हुए संचालित हो रहे हैं कई अन्य विद्यालय। जिसमे हजारों की संख्या में पढ़ रहे बच्चों पर पड़ रहा है इसका बुरा प्रभाव। लेकिन प्रशासन इसकी अनदेखी करते हुए रोक लगाने में विफल साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने खुले में बिकने वाले मांस मछलियों की दुकान को तत्काल बन्द करवाने की मांग करी है। इससे गंभीर बीमारियों के फैलने का आसार भी लोगों ने जताया है वही हंस राज तिवारी ने बताया कि शासन इस पर ध्यान नही दे रहा है।