Home / कवि

कवि

मैं और मेरा आकाश

CMD NEWS ।। विवेक श्रीवास्तव तनहा तनहा रहते हूँ फिर भी कुछ न कहती हूँ जाने क्या गम है मुझको किसी से कुछ न कहती हूँ कभी सोचने लगती हूं मैं ऐसी हूं मैं वैसी हूं मैं ऐसी क्यों हूं फिर खुद पर चिल्लाती हूं खुद ही रोती हूं “क्यों …

Read More »

जनवरी: ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर 

ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं है अपना ये त्यौहार नहीं है अपनी ये तो रीत नहीं है अपना ये व्यवहार नहीं धरा ठिठुरती है सर्दी से आकाश में कोहरा गहरा है बाग़ बाज़ारों की सरहद पर सर्द हवा का पहरा है सूना है प्रकृति का आँगन कुछ रंग नहीं …

Read More »

डाक्टर अउर वकील: अवधी रचनाकार प्रमोद साधक

दुनव समझय पीर डाक्टर अउर वकील। दुनव करय फकीर डाक्टर अउर वकील। दुनव दुखियक कय नारी टोवय। सुखान बिया बेमनकय बोवय। उप्पर छिरकय नीर डाक्टर अउर वकील। दुनव करय फकीर डाक्टर अउर वकील। खुब तगड़ा से बेवहार बनावय। कर्ज के बोझ से हमय दबावय। दुनवक एक लकीर डाक्टर अउर वकील। …

Read More »