रिपोर्ट: विवेक श्रीवास्तव
दिलीप वर्मा ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप, रामनिवास वर्मा बोले—आरोप निराधार; सोशल मीडिया पोस्ट में 2025 में मंत्रियों और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का किया दावा
बहराइच/नानपारा। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान नानपारा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया मामला सामने आया है। भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक दिलीप वर्मा ने मौजूदा विधायक और अपना दल (एस) के विधानमंडल दल के नेता रामनिवास वर्मा पर पेड़ कटान, सरकारी राजस्व को नुकसान और कमीशन से जुड़े आरोप लगाए। वहीं, रामनिवास वर्मा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा और दावा किया कि उन्होंने संबंधित मामले में पहले ही जांच और कार्रवाई की मांग की थी। दोनों नेताओं के बयानों के बीच नानपारा में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
रामलीला मंच पर विधायक की गैरमौजूदगी पर भी उठा सवाल
विवाद की चर्चा दशहरे के दौरान रामलीला मंच पर विधायक रामनिवास वर्मा की अनुपस्थिति को लेकर भी हुई। पत्रकारों के सवाल पर विधायक ने बताया कि वह रामलीला के उद्घाटन में शामिल हुए थे और बाद में मंचन देखने भी पहुंचे थे। उनके मुताबिक, दशहरे के दिन मंच को एक विशेष राजनीतिक दल के मंच के रूप में इस्तेमाल किए जाने की सूचना मिलने के बाद वह वहां नहीं पहुंचे अध्यक्ष के द्वारा सूचना भी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उस समय तक देर हो रहा था वही थोड़ी देर और सही।
विधायक ने कहा कि वह और उनकी पार्टी NDA गठबंधन केवल किसी विशेष अवसर पर नहीं, बल्कि साल के 365 दिन राम का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अच्छी तरह जानती है कि कौन रामभक्त है और कौन रामद्रोही।
403 बूथों में 368 पर मूर्ति पूजन का दावा
रामनिवास वर्मा ने नानपारा विधानसभा क्षेत्र में दुर्गा पूजा आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में कुल 403 बूथ हैं, जिनमें से करीब 368 स्थानों पर पंडाल लगाकर मूर्ति पूजन होता है। उन्होंने बताया कि लगभग सभी स्थानों पर पहुंचने का प्रयास किया गया और पहुंचे भी।
दिलीप वर्मा ने लगाए पेड़ कटान और कमीशन के आरोप
प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक दिलीप वर्मा ने विधायक रामनिवास वर्मा पर आरोप लगाया कि ब्लॉक में पेड़ कटवाकर सरकार को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने पूरे विधानसभा क्षेत्र में कमीशन लिए जाने का आरोप भी लगाया। दिलीप वर्मा ने यह दावा भी किया कि क्षेत्र में हुए विकास कार्य उनके पत्र के आधार पर कराए गए हैं।
विधायक रामनिवास वर्मा ने सोशल मीडिया पर साझा किए मुख्यमंत्री और मंत्री को लिखे पत्र
दिलीप वर्मा के आरोपों के बाद विधायक रामनिवास वर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने वर्ष 2025 में लिखे दो पत्र सार्वजनिक किए और कहा कि संबंधित मामले को लेकर वह पहले ही जांच तथा कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
पहला पत्र: 25 फरवरी 2025
विधायक की ओर से साझा किए गए पत्र के अनुसार, 25 फरवरी 2025 को उन्होंने जलशक्ति मंत्री को पत्र लिखकर सरयू नहर खंड प्रथम, बहराइच से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले से अवगत कराया था। पत्र में नानपारा क्षेत्र के शिवपुर स्थित सरयू नहर कॉलोनी में पेड़ों की नीलामी और कटान से संबंधित शिकायतों का उल्लेख किया गया है।
पत्र में आरोप लगाया गया कि पेड़ों की नीलामी में अनियमितता बरती गई और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसमें नीलामी प्रक्रिया, पेड़ों की संख्या तथा संबंधित कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच कराए जाने की मांग की गई थी।
दूसरा पत्र: 19 मार्च 2025
विधायक ने 19 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक अन्य पत्र भी सोशल मीडिया पर साझा किया। इस पत्र में कथित अवैध पेड़ कटान, नीलामी में अनियमितताओं, सरकारी राजस्व को नुकसान और नहरों की सिल्ट सफाई के कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई थी।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि शिवपुर स्थित सरयू नहर कॉलोनी में पेड़ों की कटान और नीलामी के दौरान नियमों की अनदेखी की गई। विधायक ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी।
विधायक ने उठाया सवाल—पहले ही जांच की मांग की, फिर आरोप क्यों?
रामनिवास वर्मा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए पत्रों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब उन्होंने संबंधित मामले में मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच तथा कार्रवाई की मांग की थी।
“नानपारा मेरे लिए सिर्फ विधानसभा क्षेत्र नहीं, मेरा परिवार है”
सोशल मीडिया पोस्ट में रामनिवास वर्मा ने नानपारा के लोगों के प्रति अपना जुड़ाव भी जाहिर किया। उन्होंने लिखा कि नानपारा उनके लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि उनका परिवार है। क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना और उनके हितों की आवाज उठाना वह अपना कर्तव्य समझते हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन तथ्यों को समझे बिना किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। विधायक के अनुसार, वह जनता के हितों के लिए काम करते आए हैं और आगे भी जनहित के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
अब विभागीय जांच और पत्रों पर हुई कार्रवाई पर टिकी निगाहें
नानपारा में इस राजनीतिक विवाद के बीच अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि विधायक रामनिवास वर्मा की ओर से 25 फरवरी और 19 मार्च 2025 को लिखे गए पत्रों पर संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की। क्या पेड़ कटान, नीलामी प्रक्रिया, सरकारी राजस्व और सिल्ट सफाई से जुड़े आरोपों की जांच हुई? यदि जांच हुई, तो उसकी रिपोर्ट में क्या सामने आया?
एक ओर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक दिलीप वर्मा ने पेड़ कटान, सरकारी नुकसान और कमीशन से जुड़े आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर विधायक रामनिवास वर्मा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पहले से जांच की मांग करने का दावा किया है।
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