सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने बताया बड़ी सौगात, व्यापार, धार्मिक यात्रा और न्यायालय आने-जाने में मिलेगी सुविधा; नेपाल तक दिखा उत्साह
बहराइच उत्तर प्रदेश। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा से वाराणसी के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। नानपारा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने जोरदार स्वागत किया। श्री शंकर इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासित परेड कर ट्रेन को सलामी दी, जबकि सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने ब्रास बैंड की धुनों के बीच श्रद्धा और उल्लास के साथ ट्रेन का अभिनंदन किया। स्टेशन पर मौजूद लोगों में ट्रेन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
नई रेल सेवा को लंबे समय से आवागमन की बेहतर सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से नानपारा, रुपईडीहा और आसपास के इलाकों के यात्रियों को कम खर्च में लंबी दूरी की यात्रा का विकल्प मिलेगा। खास तौर पर अयोध्या और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
रुपईडीहा नगर पंचायत के उमाशंकर वैश्य ने कहा कि ट्रेन शुरू होने से क्षेत्रवासियों में जितनी खुशी है, उतना ही उत्साह सीमा के दूसरी ओर नेपाल में भी है। भारत और नेपाल के लोगों के बीच पहले से मजबूत सामाजिक एवं व्यावसायिक संबंध हैं। ऐसे में रेल सेवा दोनों देशों के नागरिकों के लिए आवागमन को और सुविधाजनक बनाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहराइच सांसद आनंद कुमार गोंड का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
अधिवक्ता नंदलाल जायसवाल ने कहा कि नई ट्रेन सेवा से वादकारियों और अधिवक्ताओं को भी काफी राहत मिलेगी। न्यायालय संबंधी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को कम खर्च में सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
रामविलास लोधी ने ट्रेन सेवा शुरू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद आनंद कुमार गोंड के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से जिन विकास कार्यों और सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही थी, उन्हें अब गति मिल रही है।
वहीं व्यापार मंडल अध्यक्ष सुहेल ने कहा कि नई रेल सेवा का फायदा व्यापारियों के साथ श्रद्धालुओं को भी मिलेगा। अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक केंद्रों तक यात्रा आसान होने से श्रद्धालुओं को सुविधा होगी और लोगों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय व्यापार को भी इसका लाभ मिल सकता है।
प्रकाश वीर गुप्ता, जो विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े हैं, ने कहा कि ट्रेन चलने से आम जनमानस को काफी फायदा होगा। उन्होंने रेल सेवा को क्षेत्र के लिए लंबे समय बाद मिली महत्वपूर्ण सुविधा बताया।
नगर अध्यक्ष रेखा पांडे ने कहा कि नई ट्रेन सेवा का सबसे अधिक लाभ गरीब और मध्यम वर्गीय यात्रियों को मिल सकता है। बसों की अपेक्षा कम किराए में जिला मुख्यालय के साथ अयोध्या और वाराणसी तक सफर करने का अवसर मिलने से यात्रियों की परेशानी कम होगी। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का लाभ समाज के सभी वर्गों को मिलेगा।
सभासद श्याम ने भी ट्रेन सेवा शुरू होने पर प्रसन्नता जताई और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में उपयोगी कदम बताया। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
ट्रेन की पहली यात्रा करने वाले अजय वर्मा ने रुपईडीहा से नानपारा तक सफर का अनुभव साझा करते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद ट्रेन से यात्रा करने का मौका मिलना बेहद खुशी की बात है। उन्होंने ट्रेन यात्रा को सुविधाजनक बताते हुए अपनी प्रसन्नता जाहिर की।
व्यापारी सर्वेश टेकरीवाल ने कहा कि कई वर्षों के बाद क्षेत्र में रेल सेवा का लाभ मिलना बड़ी उपलब्धि है। इससे लोगों को कम समय में यात्रा करने की सुविधा मिलेगी और व्यापारियों के लिए भी आवागमन आसान होगा।
मुख्यमंत्री योगी ने बहराइच में विकास और कनेक्टिविटी को लेकर की घोषणाएं
बहराइच के रुपईडीहा से ट्रेन का शुभारम्भ करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेन का शुभारम्भ किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा से बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी के बीच ट्रेन सेवा शुरू होने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से बहराइच और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार तथा विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके साथ ही विभिन्न धार्मिक केंद्रों के बीच आवागमन भी सुगम होगा।
नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक त्रासदी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने संबंध और साझा विरासत है। संकट की घड़ी में भारत अपने पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि सुख-दुख के समय दोनों देश मिलकर आगे बढ़ेंगे और भारत सरकार ने नेपाल की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश के कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और बहराइच जैसे सीमावर्ती जिलों की उपेक्षा की जाती थी। उन्होंने तत्कालीन समय की खराब रेल कनेक्टिविटी और बरसात के मौसम में इंसेफेलाइटिस जैसी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए बहराइच के साथ गोंडा, अयोध्या और सुल्तानपुर में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिली है।
रुपईडीहा–नानपारा क्षेत्र में नई रेल सुविधा को लेकर सामने आई लोगों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि यह सेवा केवल यात्रियों के आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, धार्मिक पर्यटन, न्यायालय संबंधी यात्राओं और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक संपर्क को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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