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योगी राज में पत्रकारों के शोषण में प्रशासन भी निभा रही है अहम भूमिका।

योगी राज में पत्रकारों के शोषण में प्रशासन भी निभा रही है अहम भूमिका।
कवरेज बीडियो को दरकिनार कर अर्नगल मुकदमे में फसाने की पुलिस रच रही है साजिश।

बहराइच- रुपईडीहा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत परमपुर निवासी श्याम कुमार मिश्रा परमपुर के निवासी अब तक टीवी न्यूज़ चैनल के नानपारा तहसील रिपोर्टर हैं।अवगत कराता चलूं कि कुछ दिन पूर्व ग्राम सभा परमपुर में ग्राम प्रधान के स्तर से गांव को कीचड़ से मुक्त करवाने के लिए नाली का निर्माण करवाया जा रहा था परंतु गांव के ही एक दबंग व्यक्ति द्वारा अपने घर के सामने नाली निर्माण में बाधा उत्पन्न किये जाने पर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के मौजूदगी मे लोग एकत्रित होकर जब उस दबंग व्यक्ति से बात करने के लिये एक पंचायत बैठाई तो दबंग व्यक्ति घर की महिलाओं सहित अपने घर की छत पर खड़े होकर गांव वालों पर छत से पथराव करना शुरू कर दिया और गांव में काफी हाहाकार होने लगा जो बीडियो में कैद है।

कवरेज करने के दौरान पत्रकार श्याम कुमार मिश्रा पर भी कई वार किए गए कैमरा पर भी अटैक किया गया गांव में काफी बवाल होता देखा गया तो रुपईडीहा थाने में संपर्क कर मौके की स्थिति को सामान्य में लाया गया थाने की मदद से दबंग व्यक्ति को थाने रुपईडीहा में ले जाया गया। वहां पर विपक्षी दबंग के विपक्ष में सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे वहां पर पुलिस प्रशासन द्वारा पत्रकार श्याम कुमार मिश्रा के साथ काफी बदसुलूकी व अभ्रत्ता की गयी तथा उन्हें बेजा हिरासत में भी ले लिया गया। सूचना पर क्षेत्र के दर्जनों पत्रकारों के थाना पहुंचने पर ही उन्हें लगभग दो घण्टे बाद छोडा गया।

पुलिसिया उत्पीड़न की शिकायत जब पीड़ित पत्रकार ने सक्षम उच्च अधिकारियों को दे कर न्याय की गुहार लगाई जो क्षेत्राधिकारी- नानपारा के सुपुर्द किया गया तो पत्रकार श्याम कुमार मिश्रा जी को राहत महसूस हुई परंतु अब क्षेत्राधिकारी नानपारा दबंग के साथ मिलकर श्याम कुमार मिश्रा को पूरी तरह अनर्गल मुकदमे में फंसाने की साजिश रच कर दबंगों को क्लीन चिट दे दी गई। जबकि सूट की गई वीडियो मे साफ साफ दिखाई दे रहा है कि दबंग की दबंगई इस तरह से हावी परंतु ऐसा प्रतीत होता है कि क्षेत्राधिकारी महोदय सच्चाई से रूबरू होना ही नहीं चाह रहे हैं। यहां तक कि ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि ने जब इस मुद्दे पर कुछ कहने की बात रखी उसे भी प्रशासन दर किनार कर अपनी मनमानी करने पर तुला है।

इस मामले को जब इंडियन रिपब्लिक पत्रकारिता एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने घटनाक्रम की वीडियो देखते हुए प्रधान के बाईट को भी सुना तो एक बात तो साफ हो जाती है कि पत्रकार श्याम कुमार मिश्रा निर्दोष हैं। लेकिन प्रशासन अपना निशाना पत्रकार क्यों बना रही है यह सोचनीय विषय है।फिलहाल अब यह मामला पत्रकारिता एसोसिएशन के उच्च स्तर तक जा चुका है जिस पर अब उचित कार्यवाही होना सुनिश्चित है।

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