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बहराइच गल्लामंडी चौकी के दबंग सिपाहियों का मजदूर पर टूटा कहर पंचर, बनाने वाले को सरेराह बूट से की पीटाई।

लम्बे समय से गल्लामंडी चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों पर जमकर करते है वसूली।

एम0असरार सिद्दीकी

बहराइच। जिस तरह देश की सीमा पर मुस्तैद रहकर हमारे देश के जवान हमारी सुरक्षा करते हैं ठीक उसी तरह देश के भीतर हमें सुरक्षा का एहसास कराने और अपराधियों से सुरक्षित रखने के लिये खाकीधारी पुकिसकर्मियों की तैनात की गयी है। लेकिन सोंचिये की जब सुरक्षा में तैनात रक्षक ही भक्षक हो जायें तो आपकी सुरक्षा कैसे हो सकेगी और आपकी सुरक्षा की गारण्टी कौन लेगा। सूबे की कमान सम्भालते ही सीएम योगी ने अपराध मुक्त प्रदेश बनाने के वादे किया और पुलिस को इस पर अमलीजामा पहनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये। लेकिन जिले में इन दिनों आमजनता पर अपराधियों का कहर तो जारी ही है लेकिन ख़ाकीधारियों का सितम भी कुछ कम कहर नहीं बरपा रहा है। हाल ही में थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के वर्दीधारी का 5 हज़ार की रिश्वत लेकर बेगुनाह को फर्ज़ी मुकदमे में फंसाने का वीडियो वायरल होते ही पुलिस कप्तान ने उन्हें तत्काल निलम्बित कर अपने दायित्वों की इतिश्री कर ली लेकिन एक और इसी तरह की घटना ने जिले के पुलिस कप्तान विपिन कुमार मिश्रा के बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। मामला शहर के गल्लामंडी चौकी के दो सिपाहियों का है जिनपर एक वाहन चालक व उसके गाड़ियों का पंचर बनाने वाले पिता से वर्दी की धौंस दिखा कर मोटी रकम वसूलने का गम्भीर आरोप लगा है।

यही नहीं पुलिसिया रौब गालिब कर पिता पुत्र की पिटाई भी की है। हालांकि इस पूरे मामले से चौकी इंचार्ज व थानाध्यक्ष अनजान हैं। वहीं पीड़ित की माँ ने रो-रो कर अपनी जो आप बीती सुनाई है उसे सुनने के बाद हर किसी आह निकल जायेगी।
ज्ञात हो कि बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था व जिले में बेहतर कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से जिले के पुलिस कप्तान विपिन कुमार मिश्रा ने तबादला एक्सप्रेस चलाते हुए निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों, आरक्षियों तक के कार्यक्षेत्र में बड़े बदलाव कर जिलेवासियों को सुरक्षा का एहसास दिलाने की बड़ी कोशिश की बावजूद इसके कई थानों व चौकियों पर लम्बे समय से डटे कई वर्दीधारी अपनी धाक अब भी जमाये हुए हैं। ताज़ा मामला थाना दरगाह क्षेत्र के गल्लामंडी चौकी में लम्बे समय से तैनात दो सिपाहियों से जुड़ा है।आरोप है कि इन सिपाहियों ने सालारपुर निवासी पिता पुत्र से अवैध तरीके से बीस हज़ार रुपये वसूल लिए और वर्दी का रौब गालिब कर उनकी पिटाई भी कर डाली है। सालारपुर निवासी प्राइवेट गाड़ी चला कर अपना व परिवार पेट पालता है। पिता की पंचर बनाने की दूकान है और पिता पुत्र किसी तरह गरीबी में अपना गुजर बसर करते हैं। पीड़ित युवक ने बताया कि आज से लगभग एक सप्ताह पूर्व अपनी बुकिंग की गाड़ी से किसी महिला को इकौना छोड़ने जा रहा था।

इस दौरान गल्लामंडी चौकी में तैनात सिपाही शैलेन्द्र रॉय व महेन्द्र सिंह ने उनकी बोलेरो गाड़ी को आसाम रोड पर चेकिंग के हवाला देते हुए रोक लिया और गाड़ी की तलाशी ली। इसके बाद उन्होंने पूछा कहाँ जा रहे हो महिला को लेकर तो पीड़ित ने बताया कि वह बुकिंग पर गाड़ी चलाता है महिला ने उसकी गाड़ी बुक की उसे इकौना छोड़ने जा रहे हैं। इस पर सिपाहियों ने महिला से पूछा तो उसने भी उन्हें यही बताया कि उन्होंने गाड़ी को बुक किया है और अपने घर इकौना जा रही है। इस पर ख़ाकीधारियों ने पहले तो वीडियो बनाया फिर पीड़ित वाहन चालक का मोबाइल ले लिया और कहा महिला को छोड़ कर आओ और गल्लामंडी चौकी से मोबाइल ले लेना।पीड़ित का कहना है कि वह महिला को इकौना छोड़ने चला गया और वापस लौटने पर अपना मोबाइल लेने चौकी पहुंचा और मौजूद दोनों सिपाहियों से मोबाइल मांगा तो सिपाहियों ने न सिर्फ गलियों से नवाजा बल्कि उसकी पिटाई भी कर दी और रात भर गल्लामंडी चौकी में ही बिठाए रखे। पीड़ित का कहना है कि चौकी में बिठाये रखने की सूचना न पुलिस ने ही उसके परिजनों को दी और न ही पीड़ित ही परिजनों को कुछ जानकारी दे सका पीड़ित ने बताया कि सुबह दोनों सिपाहियों ने कहा कि घर से किसी को बुलाओ जिसके बाद पीड़ित के परिजन चौकी पहुंचे तब पीड़ित ने अपनी आप बीती अपने परिजनों को बतायी। पीड़ित ले पिता जो गल्लामंडी चौकी के पास ही गाड़ियों का पंचर बनाते हैं कि उन्होंने जब आरोपित सिपाहियों से बात की तो पुलिसकर्मियों ने उनसे पुत्र को फर्ज़ी मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हुए कहा कि यदि अपने पुत्र को बचाना चाहते हो तो 50 हज़ार रुपये लेकर आओ। पीड़ित ने असमर्थता जाहिर की और सिपाहियों व पीड़ित पिता के बीच बातचीत चलती रही और अन्त में मामला 20 हज़ार पर तय हुआ। पीड़ित के पिता ने बताया कि किसी तरह इंतेज़ाम करके उन्होंने 10-10 हज़ार रुपये सिपाहियों को भेजवाया तब जाकर दोनों सिपाहियों ने उसके पुत्र को छोड़ा। इन वर्दीधारियों का कहर यहीं नहीं थमा पीड़िता पिता ने बताया कि गुरुवार दोपहर उनकी पंचर की दूकान पर सिपाही शैलेन्द्र रॉय पहुंच गये और 5 हज़ार रुपयों की और मांग करने लगे जिस पर जब पीड़ित के पिता ने कहा कि साहब बड़ी मुश्किल से हमने आपको 20 हज़ार दिये हैं अब हमारे पास कुछ नहीं है हमारे पास खाने के लिए पैसों की बड़ी दिक्कत है हम आपको 5 हज़ार कहाँ से दें। पीड़ित पिता कहते हैं बस इतनी से बात से सिपाही नाराज़ हो गया और उसने उनकी बूटों से पिटाई कर दी। इस दौरान पीड़ित की माँ ने जो आप बीती सुनाई उसे जानने के बाद हर कोई सन्न रह जायेगा।पीड़ित की माँ ने बताया कि उनका पति गाड़ियों का पंचर बनाते हैं जबकि बेटा एक प्राइवेट चालक है जिससे घर की रोजी रोटी चलती है।अपना दर्द बयां करते हुए उनकी आँखें छलक आयीं और हम आंखों से उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद से घर मे खाने को लाले लगे हैं किसी तरह से गुज़र बसर।चल रहा है ऐसे में लगभग एक सप्ताह पूर्व पुलिस वालों ने बेटे को छोड़ने के लिए 50 हज़ार मांगे किसी तरह जेवर गिरवी रख कर व रिश्तेदारों से उधार लेकर 10-10 हज़ार रुपयों का इंतेज़ाम किया और दोनों सिपाहियों को दिया। तब जाकर बेटा गल्लामंडी चौकी से घर आया। लेकिन अब फिर गुरुवार सिपाही पति की पंचर की दुकान पर पहुंच गए और 5 हज़ार की मांग की और पति की अपने बूटों से पिटाई कर दी।ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या यही है जिले के पुलिस अधीक्षक विपीन कुमार मिश्रा के बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था के दावे।जिसमें एक बेगुनाह से उनके मातहत न सिर्फ मोटी रकम वसूल रहे हैं बल्कि उनपर पुलिसिया कहर बरपाते हुए उनकी पिटाई कर रहे हैं। सवाल यह है कि यदि वाहन चालक पीड़ित किसी अनैतिक गतिविधि में लिप्त था तो थाने में उसके विरुद्ध कोई अभियोग पंजीकृत कर उसे जेल क्यों नहीं भेजा गया और किस नियम के तहत पीड़ित को थाने के बजाये गल्लामंडी चौकी में ही रातभर रखा गया। क्या सारा पूछताछ का अधिकार चौकी के सिपाहियों का ही है यदि ऐसा है तो चौकी में चौकी इंचार्ज की तैनाती किस लिये होती है।सवाल तो कई हैं लेकिन फिलहाल इनके जवाब शायद किसी के पास है। पीड़ित आरोपियों पर कार्यवाही के साथ अपनी रकम वापस पाना चाहते हैं। अब देखने वाली बात है कि पुलिस कप्तान इस पर क्या कार्यवाही करते हैं और क्या पीड़ित को इंसाफ मिल सकेगा।

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