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अयोध्या के जिला अस्पताल मे महिला डॉक्टरों की कमी जिला अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही

सुधीर बंसल जिला ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट अयोध्या
जिसकी वजह से अस्पताल में आने वाले मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और उन्हें मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है। जिसकी वजह से उनके जेब पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।जिला महिला अस्पताल में जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ के 10 पद सृजित हैं वही दो डॉक्टरों से पूरे अस्पताल की ओपीडी और सर्जरी कराई जा रही है। यही नहीं महिला अस्पताल में बेहोशी के पांच डॉक्टरों का पद सृजित है और यहां पर मात्र एक डॉक्टर के माध्यम से सर्जरी को ऑपरेट किया जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का जहां गरीब लोगों को लाभ मिलना चाहिए वही डॉक्टरों की कमी से गरीब और बेसहारा मरीजों को सरकार के द्वारा प्राप्त स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है । अयोध्या के जिला महिला अस्पताल में 300 के करीब प्रतिदिन ओपीडी होती है लेकिन इसके बाद भी यहां पर डॉक्टरों की बेहद कमी है । स्त्री रोग विशेषज्ञ के 10 पद जिला महिला अस्पताल में हैं। लेकिन यहां पर दो ही स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनके जिम्मे पर एक तरफ ओपीडी में मरीजों को देखना है और वहीं दूसरी तरफ मरीजों का ऑपरेशन भी करना है। 24 घंटे इन डाक्टरो की जिम्मेदारी की वजह से यह डॉक्टर भी परेशान हो जाते हैं। इसके लिए अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने सरकार से पत्र के माध्यम से गुहार भी लगाई थी कि अयोध्या के जिला महिला अस्पताल में जो 100 बेड का हॉस्पिटल है यहां पर महिला डॉक्टरों की कमी है इसको जल्द ही पूरी किया जाए। लेकिन उसके बाद भी जिला महिला अस्पताल में सरकार के द्वारा डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है । डॉक्टरों की कमी सबसे ज्यादा उन मरीजों पर भारी पड़ती है जो अयोध्या के दूरदराज इलाकों से बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए जिला महिला अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन घंटों इलाज के लिए लाइन में खड़े होने के बाद भी इन मरीजों को डॉक्टर समय के अभाव की वजह से देख नहीं पाते और फिर उनको मजबूरन आर्थिक बोझ के तले प्राइवेट डॉक्टरों के पास अपने इलाज के लिए जाना पड़ता है। जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ एस के शुक्ला का कहना है कि डॉक्टरों की कमी की वजह से महिला अस्पताल में मरीजों के साथ साथ अस्पताल प्रशासन को भी बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ के 10 पद हैं लेकिन दो ही डॉक्टर तैनात हैं। बेहोशी के पांच डॉक्टरों का पद है जिसमें से एक ही डॉक्टर तैनात है। इसके अलावा कई महीनों से अल्ट्रासाउंड के लिए किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पा रही है। 100 बेड के अस्पताल में डॉक्टरों के अभाव की वजह से जो दो स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टरो को 24 घंटे काम करने पड़ते हैं । जिसकी वजह से वह खुद भी परेशान हो

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